
सिद्धार्थनगर। धान खरीद के मामले में 1.35 करोड़ रुपये सरकारी धन गबन करने के आरोपी 25-25 हजार के इनामी दो सगे भाइयों को एसओजी और बांसी कोतवाली की पुलिस की संयुक्त टीम ने काजी रुधौली के पास से शुक्रवार की सुबह दबोच लिया। थाने में लाकर पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि 10 अगस्त को सहायक विकास अधिकारी प्रदीप कुमार विकास खंड मिठवल ने तहरीर दी, जिसमें लगभग 80 लाख रुपये गबन करने के आरोप में अच्युतानंद मणि त्रिपाठी तथा लगभग 65 लाख रुपये गबन करने के आरोप में शिवानंद मणि त्रिपाठी निवासी मुहल्ला आजाद नगर थाना बांसी पंजीकृत किया गया था। दोनों सगे भाई हैं। विवेचना के क्रम में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त दोनों मुकदमों मेंं धारा 409 की बढ़ोतरी की गई थी। गिरफ्तारी करने के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। शुक्रवार सुबह सूचना मिली की दोनों क्षेत्र के काजी रुधौली के पास मौजूद हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों को दबोच लिया गया। थाने में लाकर पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम में कोतवाल बांसी बिन्देश्वरीमणि त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव, सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेन्द्र सिंह आदि पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे।
पूछताछ में दी यह जानकारी
पूछताछ में आरोपी अच्युतानन्द मणि त्रिपाठी ने बताया गया कि वह उप्र सहकारी संघ नेउसा विकास खंड मिठवल के नाम से बने धान क्रय केंद्र का प्रभारी था। उसके द्वारा कृषकों से 10340 क्विंटल धान खरीदा गया था। जबकि संबद्ध मिल को 6885.650 क्विंटल धान प्रेषित किया गया तथा शेष 3454.350 क्विंटल धान मिल को प्रेषित नहीं किया गया, जिसका शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 8048635 रुपये हैं। सहायक विकास अधिकारी की ओर से बार-बार प्रयास करने पर मेरे द्वारा एक लाख रुपया जमा किया। शेष 7948635 रुपया जमा नहीं किया गया। वहीं आरोपी शिवानंद मणि त्रिपाठी ने बताया गया कि वह उप्र सहकारी संघ जीवा विकास खंड मिठवल के नाम से बने धान क्रय केंद्र का प्रभारी था। उसके द्वारा कृषकों से 10031 क्विंटल धान खरीदा गया था, जबकि संबद्ध मिल को 7170 क्विंटल धान प्रेषित किया गया तथा शेष 2861 क्विंटल धान मिल को प्रेषित नहीं किया गया, जिसका शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 66,66,130 है। सहायक विकास अधिकारी द्वारा बार-बार प्रयास करने पर मेरे द्वारा एक लाख रुपया जमा किया गया तथा शेष 65,66,130 रुपया जमा नहीं किया गया। जिसके संबंध में सहायक विकास अधिकारी द्वारा थाना बांसी पर अभियोग पंजीकृत कराया गया।






